5th डायमेंशन में काम करना: पैसा आसानी से बहता है
1. पैसे को "एनर्जी" के तौर पर समझना
एनर्जी फ्लो: दोनों पैसे को एनर्जी के तौर पर देखते हैं जो लगातार अंदर और बाहर बहती रहती है।
फीलिंग्स डिटरमिनेंट्स के तौर पर: हमारे आस-पास पैसे का लेवल या फाइनेंशियल सिचुएशन अक्सर हमारी अंदर की "इमोशनल और साइकोलॉजिकल स्टेट" को दिखाती है।
डिजिटल एज में पैसा: ऐसे एज में जहां पैसा सिर्फ स्क्रीन या क्रेडिट कार्ड पर नंबर्स हैं, यह और भी साफ हो जाता है कि पैसे की वैल्यू लोगों के बिलीफ्स और इमोशनल करंट्स (जैसे, स्टॉक मार्केट का वोलैटिलिटी, जो एक शेयर्ड इमोशनल फील्ड बन जाता है) से जुड़ी है।
2. 3rd (3D) और 5th (5D) डायमेंशन्स के बीच अंतर
3rd (3D) डायमेंशन मटेरियल और फिजिकल एस्पेक्ट्स पर फोकस करता है। इस डायमेंशन में ज्यादातर लोग पैसे के लिए फिजिकल लेबर, डिलिजेंस और लगन का इस्तेमाल करके कड़ी मेहनत करने पर फोकस करते हैं, लेकिन कभी-कभी पाते हैं कि पैसा अभी भी काफी नहीं है या लाइफ रुकी हुई है।
5th (5D) डायमेंशन में "मेंटल स्टेट," एनर्जी के साथ काम करना और अपनी अंदर की पहचान को अपनी इच्छा के हिसाब से एडजस्ट करना शामिल है। [01:03] जब हमारी अंदर की हालत बदलती है, तो फाइनेंशियल एनर्जी और मौके ज़्यादा आसानी से आते हैं। यह ज़्यादा फिजिकल मेहनत के बिना हम तक ज़्यादा आसानी से और नैचुरली आएगा।
3. नतीजा और सुझाव
अपनी अंदर की हालत से शुरू करें: अपनी असली बाहरी इमेज को एडजस्ट करने की शुरुआत अपनी अंदर की एनर्जी और खुद के साथ अलाइन होने से होनी चाहिए।
खुलापन और आपसी सीख: अगर आपको काम, पैसे या रिश्तों में दिक्कतें आ रही हैं, तो भरोसा करने और अपने एनर्जी लेवल को मैनेज करने के लिए पीछे मुड़कर देखने की कोशिश करें।